Chandrashekhar Vashistha

जय माँ हो श्री हरसिद्धि देवी सदा प्रसन्न !!

ॐ नमश्चण्डिकायै मार्कण्डेय उवाच ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम् । यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह ॥ १॥ ब्रह्मोवाच अस्ति गुह्यतमं विप्र सर्वभूतोपकारकम् । देव्यास्तु कवचं पुण्यं तच्छृणुष्व महामुने ॥ २॥ प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी । तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ॥ ३॥ पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च । सप्तमं कालरात्रिति महागौरीति चाष्टमम् ॥ ४॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः । उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना ॥ ५॥ अग्निना दह्यमानास्तु शत्रुमध्यगता रणे । विषमे दुर्गमे चैव भयार्ताः शरणं गताः ॥ ६। न तेषां जायते किञ्चिदशुभं रणसङ्कटे । नापदं तस्य पश्यामि शोकदुःखभयं न हि ॥ ७॥ यैस्तु भक्त्या स्मृता नूनं तेषां वृद्धिः….

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चीन हे सर्वदा से भारत का सबसे बड़ा शत्रु

वस्तुतः चीन कभी नहीं चाहता कि भारत आर्थिक सामरिक सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर उस के समकक्ष कभी भी आ पाए, चीन अच्छी तरह समझता है कि एशिया में केवल 125 करोड़ मानवशक्ति व् प्रचूर खनिज कृषि संसाधन से युक्त भारत में ही उसे चुनोती देने का सामर्थ्य हो सकता है. अन्तराष्ट्रिय प्रबंधन और प्रोधोगिकी के व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा स्तर में हमेशा भारतीयों ने चीनियो को पछाड़ा हे, इससे उसे अपनी भविष्य की बादशाहत खतरे में लगती है, चीन की शक्ति से अमेरिका योरोप और रूस भी चिंतित हो भारत को तटस्थ बन, संतुलित तौर पर उठाना चाहते है, चीन यह….

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दुनिया के सबसे ऊंचे दुर्गम और निर्मम युद्धक्षेत्र सियाचिन पर भारतीय सेना की मोजुदगी कितनी जटिल और चुनोतिपूर्ण

दुनिया के सबसे ऊंचे दुर्गम और निर्मम युद्धक्षेत्र सियाचिन पर भारतीय सेना की मोजुदगी कितनी जटिल और चुनोतिपूर्ण हैं की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सियाचिन ग्लेशियर या सियाचिन हिमनद (Siachen Glacier) हिमालय पूर्वी कराकोरम रेंज में भारत-पाक नियंत्रण रेखा के पास लगभग देशान्तर:77.10 पूर्व, अक्षांश:35.42 उत्तर पर स्थित है। यह काराकोरम के पांच बडे हिमनदों में सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हिमनद है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई इसके स्रोत्र इंदिरा कोल पर लगभग 5753 मीटर और अंतिम छोर पर 3620 मीटर है। यह लगभग 70 किमी लम्बा है। निकटवर्ती क्षेत्र बाल्टिस्तान की बोली बाल्टी….

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सिंहस्थ महाकुंभ क्षिप्रा तट उज्जयिनी, अद्भुत अलौकिक आनंदौल्लास पूर्ण अकल्पनीय अवर्णननीय महापर्व महोत्सव

सिंहस्थ महाकुंभ क्षिप्रा तट उज्जयिनी, अद्भुत अलौकिक आनंदौल्लास का महापर्व महोत्सव , एक नए आयाम के साथ संपन्न होने जा रहा हे, लोग जुटते चले कारवाँ बनता गया की तर्ज पर, विश्व का सबसे बड़ा महा आयोजन , जिसमे की भी लोग युगो युगों से धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना और विश्व का कल्याण होने की कामना करते , सनातन आस्था विश्वास और असीम श्रद्धा लिए , दुनिया भर से स्व् स्फूर्ति से आते रहे हे , का एक अत्याधुनिक हाईटेक स्वर्णिम इतिहास लिखने जा रहा हे! संभवतः यह विश्व सभ्यता का अब तक….

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स्तूता मया वरदा वेद माता प्रचोदयंताम् पावमानी द्विजानाम् आयुः प्राणं प्रजाम् पशुं कीर्तिम् द्रविणं ब्रह्मवर्चसं मह्यम् द्वत्वा वृजत् ब्रह्मलोकं

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो योनः प्रचोदयात् ।। अर्थ : उस प्राणस्वरूप, दु:ख नाशक, सुख स्वरूप, श्रेष्ठ, परम तेजस्वी, पापनाशक, देव स्वरूप परमात्मा को हम अपनी अन्तरात्मा में धारण करें, वह ईश्वर हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे !! एक महत्त्वपूर्ण मंत्र है जिसकी महत्ता ॐ के लगभग बराबर मानी जाती है। यह यजुर्वेद के मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः और ऋग्वेद के छंद 3.62.10 के मेल से बना है। इस मंत्र में सवित्र देव की उपासना है इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने….

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ॐ नमः शिवाय्

वन्दे देव उमापतिमसुरगुरुं वन्दे जगत् कारणं, वन्दे पन्नगभूषणं मृग्धरम वन्दे पशूनाम्पतिम, वन्दे सूर्यशशांकवहिनयनम वन्देमुकुंदप्रियम, वन्दे भक्तजनाश्रयम च वरदम वन्दे शिवम् शंकरं !! मृत्युंजय महाकाल त्राहिमाम शरणागतः , जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितो कर्म बंधनाह !! आकाशे तारका लिंगम , पाताले हात्केश्वारह मृत्युरर्लोके महाकाले , लिंगम त्रियम नमोस्तुते !! अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्। अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।। ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम उर्वारुकमिव वन्दनार्थ मृत्युर्मुक्षीय मामृतात !! कर्पूरगौरम करुणावतारम संसारसारं भुजगेंद्रहारम सदा वसंतम हृदया रविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि !! तत पुरुषाय विध्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् !! नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय….

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“बसुधैव कुटुम्बकम” के स्वरुप संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का भ्रमण , मानव अधिकार , निशस्त्रीकरण और सतत धारणीय विकास आदि पर अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी , दृश्य श्रव्य प्रदर्श के अवलोकन श्रवण सम्मिलन का अवसर मिला

शुभ् श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर “बसुधैव कुटुम्बकम” के स्वरुप संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का भ्रमण , मानव अधिकार , निशस्त्रीकरण और सतत धारणीय विकास आदि पर अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी , दृश्य श्रव्य प्रदर्श के अवलोकन श्रवण सम्मिलन का अवसर मिला। संयुक्त राष्ट्र United Nations विश्व् का सर्वाधिक शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय संगठन है , जिसके उद्देश्य है, अंतरराष्ट्रीय कानून को सुविधाजनक बनाने के सहयोग, अन्तर्राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार और विश्व शांति के लिए कार्यरत रहना । संयुक्त राष्ट्र की स्थापना २४ अक्टूबर १९४५ को संयुक्त राष्ट्र अधिकारपत्र पर 50 देशों के हस्ताक्षर होने के साथ हुई। द्वितीय विश्वयुद्ध….

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11 सितंबर 2001 हमले का अमेरिकीयो ने दिया दृढ़ संकल्प इच्छाशक्ति और अदम्य शौर्य से आतंकियो को कड़ा ज़बाब

अमेरिका ने न केवल अपनी सुरक्षा संरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से चाक् चौबंद किया, देश में प्रवेश को और अत्यधिक सख्त कर, बिना विश्व् जनमत की परवाह करे अपने राष्ट्रहित सर्वोपरि रख, पूरे विश्व् से ढूंढ ढूंढ कर इस्लामी कट्टरपंथि आतंकियो के सरगनाओं का संहार कर, फिर से विश्व् के सबसे ऊंचे नए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर का रिकार्ड समय में  पूर्ण कर दुनिया को आश्चर्य चकित कर दिया। राष्ट्रधर्म को ईमानदारी से निर्वाहन करने वाले निष्ठावान अमेरिकीयो ने अद्वितीय व ऐतिहासिक विश्व् वास्तु 9/11 स्मारक का भी हमले में मारे गए दिवंगत् मानवमात्र हेतू निर्माण किया। 26 फ़रवरी 1993….

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हिंदी 100 करोड़ से अधिक लोगो द्वारा समझी बोली पढ़ी लिखी जाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी भाषा

विश्व के अधिकृत मान्यता व संयुक्तराष्ट्र के अभिलेख अनुसार हिंदी 70 करोड़ से अधिक लोगो द्वारा बोली जाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी भाषा हे, किन्तु मात्र 100 करोड़ राशी न दे पाने के कारण सयुक्त राष्ट्र में इसे कार्यरूप में लाना लंबित हे जबकि अत्यंत कम बोली जाने वाली अरबी और कई अन्य भाषाए यहा प्रचलित हे। हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। चीनी के बाद यह विश्व में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा भी है। हिन्दी और इसकी बोलियाँ पश्चिम, उत्तर….

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कृषको में उधमशीलता विकसित कर ही रोकी जा सकती हे, देश में 5 लाख करोड़ की फल सब्जी उपज की प्रति वर्ष कि राष्ट्रीय हानि

प्याज कि गिरती कीमतों ने फिर चेताया कि कृषको में उधमशीलता विकसित कर ही रोकी जा सकती हे, देश में 5 लाख करोड़ की फल सब्जी उपज की प्रति वर्ष कि राष्ट्रीय हानि. देश में लगभग 200 मिलियन टन सब्जी तथा 150 मिलिओनं टन फल में से 30 प्रतिशत मूल्य 5 लाख करोड़ का पोस्ट हार्वेस्ट के दौरान परिशमन हो जाता हे, फल सब्जी का क्षेत्र 30 मिलियन हेक्टेयर और उत्पादन 350 मिलियन टन से अधिक हो गया हे, अब भारत विश्व का सबसे बड़ा फल सब्जी मसाले और दुग्ध उत्पादक देश हो गया हे। कृषि विपणन की हानियों के….

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