जैसे पूर्ववर्ती व्यवहारकुशल ज्ञानीजन पारस्परिक अविरोधपूर्वक कार्य करते आये है, उसी प्रकार हम सब मिलकर चले, समान भाव से बोले, आप सब विद्द्वानो के मन एक समान श्रेष्ठ हो ।
" तन्मेमनः शिवसंकल्पमस्तु " हम सबका मन सदैव शुभ विचारो और कल्याणकारी संकल्पों से युक्त हो
जैसे पूर्ववर्ती व्यवहारकुशल ज्ञानीजन पारस्परिक अविरोधपूर्वक कार्य करते आये है, उसी प्रकार हम सब मिलकर चले, समान भाव से बोले, आप सब विद्द्वानो के मन एक समान श्रेष्ठ हो ।