ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्चजगत्यांजग्त् , तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृध: कस्यस्विद्धनम्।।
“इस चराचर जगत् में जो कुछ भी विधमान है जड़ चैतन्य वह सब ईश्वर द्वारा आच्छदित है, ईश्वर का ही है, अतः लालच न् करो, त्यागपूर्वक उपभोग करो
जय श्री महाकाल
" तन्मेमनः शिवसंकल्पमस्तु " हम सबका मन सदैव शुभ विचारो और कल्याणकारी संकल्पों से युक्त हो
ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्चजगत्यांजग्त् , तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृध: कस्यस्विद्धनम्।।
“इस चराचर जगत् में जो कुछ भी विधमान है जड़ चैतन्य वह सब ईश्वर द्वारा आच्छदित है, ईश्वर का ही है, अतः लालच न् करो, त्यागपूर्वक उपभोग करो
जय श्री महाकाल