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Chandrashekhar Vashistha

" तन्मेमनः शिवसंकल्पमस्तु " हम सबका मन सदैव शुभ विचारो और कल्याणकारी संकल्पों से युक्त हो

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जयति जयति उज्जयिनी

September 25, 2022 cha_admin BLOG

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Previous Post:शुभ अक्षय तृतीया – जय परशुराम जन्मोत्सव
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  • क्षिप्रा में स्नान से मिलता है गंगा और गंगा सागर का पुण्य
  • प्रार्थना
  • वसन्त पञ्चमी : ज्ञान कला प्रेम व तप का त्योहार
  • श्रीमन्न महागणपति नमः
  • सनातन धर्म
  • संत सुधारक युगदृष्टा ऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की जयंती पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ
  • फ़सलोत्तर प्रबंधन अर्थात् कृषि विपणन का महत्व
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  • माता महादेवी सती के 51 शक्तिपीठ
  • ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
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  • शुभ अक्षय तृतीया – जय परशुराम जन्मोत्सव
  • महाशिवरात्रि महोत्सव पर महाकाल शयन आरती भक्त मंडल का महाप्रसादी रिसेप्शन अदभुत आयोजन
  • सनातन हिन्दू धर्म मे ये तिथियां अत्यंत शुभ और श्रेष्ठ मानी गयी है
  • गेंहू विपणन , निर्यात संभावनाएं एक दृष्टि
  • 21 लाख दीपो से जगमगाई महाकाल की उज्जयिनी
  • श्री दुर्गा सप्तशती तथा दस महा विद्या के दुर्लभ अद्भुत दिव्य सिद्ध मन्त्र बीज मन्त्र सहीत
  • शुभ महाशिवरात्रि एवं शिव नवरात्रि महोत्सव 2021
  • दिव्य वेद मंत्रों से प्रकृति के कल्याण, सदभाव और शांति की प्रार्थना
  • ब्राह्मी एक दिव्य औषधी
  • वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिताः हम पुरोहित राष्ट्र को सदैव जीवंत और जाग्रत बनाए रखेंगे।’
  • शुभ दीपावली श्री महालक्ष्मी पूजा
  • श्री देवी कवचं
  • गुरु वसिष्ठ
  • अश्विनी नक्षत्रों में सबसे पहला नक्षत्र 
  • वशिष्ठ ऋषि और उनकी वंश परंपरा
  • परमहंस योगानन्द (5 जनवरी 1893 – 7 मार्च 1952)एक महान आध्यात्मिक गुरू, योगी, संत, लेखक, दिव्यादृष्टा विचारक
  • सनातन दस महाविद्या पूजा
  • भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि । धियो यो नः प्रचोदयात् ।।
  • महर्षि दयानन्द के शब्दों में – मूर्ति-पूजा वैसे है । जैसे एक चक्रवर्ती राजा को पूरे राज्य का स्वामी न मानकर एक छोटी सी झोपड़ी का स्वामी मानना ।
  • वेद के मंत्र
  • वेद एवं उपनिषदों के महा मंत्र ज्ञान के अजस्त्र स्त्रोत महासागर
  • SAWAMI VIVEKANANAD THE GREATEST SAINT FOREVER !!!
  • महामृत्युंजय मंत्र
  • आ नो॑ भ॒द्राः क्रत॑वो यन्तु वि॒श्वतः Let noble thoughts come to us from every side Rigveda 1-89-1
  • ॐ शांति शांति शांति सर्वत्र चहुँ और शांति की प्रार्थना
  • शुभ दीपावली
  • “निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है” नागरिकों की जीत
  • क्या है आधार, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, होगा 30 जून से आधार अनिवार्य
  • तत्वमसि
  • ​बाहुबली the conclusion
  • आदि शंकराचार्य अद्वैत वेदांत के प्रणेता, ब्रह्म और जीव मूलतः और तत्वतः एक हैं
  • वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहते हैं, पौराणिक ग्रंथों मान्यताओ के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं,उनका अक्षय फल मिलता है,इसे अत्यंत स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता हे
  • अष्ट चिरंजीवी
  • उपनिषद
  • शिव ही प्रकृति हे, प्रकृति ही शिव, वह ही लय प्रलय हे, वही आदि सृजन और अनंत हे, वह रूद्र महादेव महेश हे,अमरनाथ केदारेश्वर विश्वनाथ सोमनाथ हे, केलाश मैकाल और ओंकार भी वही हे, वह ही कालो का भी काल, महाकाल हे!
  • शुभ् हनुमान् जन्मोत्सव, मनोजवं मारूततुल्य वेगं, जितेंद्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं, वातात्मजं वानरयूथ मुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपध्दे:
  • यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है
  • महाकाल स्त्रोतम
  • धर्म
  • स्वस्तिक मंत्र या स्वस्ति मन्त्र शुभ और शांति के लिए प्रयुक्त होता है। स्वस्ति = सु + अस्ति = कल्याण हो। 
  • भारतीय संसकृति में सर्वाधिक महत्ता है शांति पाठ मन्त्र की
  • न्यायधीशों की नियुक्ति के लिये कालेजियम प्रणाली
  • श्री राम नवमी महापर्व पर मंगलकामनाए : नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। मध्य दिवस अति सीत न घामा, पावन काल लोक बिश्रामा।।
  • मौन
  • इच्छा और तृष्णा
  • देवी माँ के सिद्ध 52 शक्तिपीठ
  • लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती आचार्य सोहन लाल द्विवेदी
  • गायत्री मंत्र साधना
  • जय माँ श्री गढ़कालिका देवी सदा प्रसन्न रहे ॐ एं ह्रीम श्रीम् क्लीं चामुण्डायै विच्च्ये !!
  • वर्ष प्रतिपदा पर भगवा ध्वज लहराए, लोगो ने एक दुसरे को शुभकामनाये दे, सनातन भारतीय नववर्ष का आनंद उत्सव मनाया
  • पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य रचित युगनिर्माण सत्संकल्प में सम्पूर्ण सनातन उदेश्यो, मूल्यों आदर्शो का, सरल सहज आचरण पद्धति के, स्वरुप में समावेश हे
  • सायबर सुरक्षा, रफ़्तार और पहुँच से जुड़े इन्टरनेट इंफ़्रास्ट्रक्चर
  • कला विधा वाणी बुद्धि की अधिष्ठात्री वाग्देवी की प्रतिमा को लेकर आंदोलित हैं देशवासी
  • शुभ गणतंत्र महापर्व, लोकतंत्र और गणतंत्र
  • ऋग्वेद : मनुर्भ‌व – मनुष्य बनो !
  • “तन्मे मनः शिवसङ्कल्पमस्तु” हम सबका मन सदैव शुभ और कल्याणकारी संकल्पों से युक्त हो
  • ॐ ईशावास्यमिदँ सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथाः मा गृधः कस्यस्विद्धनम्॥
  • धारा 370 जम्मू कश्मीर पहले से भारत का अभिन्न अंग,विलय अन्य रियासतों के समान अंतिम
  • छत्रपति शिवाजी महाराज का हिन्दू स्वराज्य और सुशासन मंत्र
  • क्रांति शिरोमणि पण्डित चन्द्रशेखर ‘आजाद’ प्रखर देशभक्त
  • रंगों का त्यौहार होली भारत का अत्यंत प्राचीन पर्व है जो होली, होलिका या होलाका नाम से मनाया जाता हें, वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने के कारण इसे वसंतोत्सव और काम-महोत्सव भी कहा गया है
  • संस्कृत और भारतीयो के महत्त्व के गर्व पूर्ण रोचक तथ्य
  • समस्त ऐश्वर्यों की अधिष्ठात्री और अपार धन सम्पत्तियों को देने वाली महालक्ष्मी की आराधना
  • सनातन धर्म के संस्कार हिन्दू धर्म आधारीत रीति-रिवाज़ है जिसमें जन्म के पूर्व से लेकर मृत्यु के बाद तक के विभिन्न संस्कारो के विधि-विधान का समावेश है
  • स्वस्तिवाचन अर्थात मंगलकामनाये से प्रारंभ होते हे सनातन धर्म के अनुष्ठान
  • शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌। हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌ वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌ !! शुभ वसंतोत्सव महापर्व
  • हम करे राष्ट्र आराधन
  • वेद विश्व के प्राचीनतम साहित्य हैं,सनातन हिन्दुओं के आधारभूत धर्मग्रन्थ, जिन्हें ईश्वर की वाणी माना जाता है,जिनके मन्त्र आज भी प्रासंगिक
  • “चरैवेति चरैवेति”
  • सं गच्छध्वं सं वद्ध्वं सं वो मनांसि जानताम् । देव भागं यथापूर्वे संजानाना उपासते ।। ऋग्वेद 10/191/2
  • हिंदु, वो व्यक्ति है जो भारत को अपनी पितृभूमि और अपनी पुण्यभूमि दोनो मानता है
  • महान ऋषियों शाष्त्रो ने युगों युगों पूर्व पृथ्वीपुत्र युद्धदेव लाल ग्रह अंगारक मंगल की व्याख्या स्पस्ट की
  • भगवान् परशुराम
  • जय श्री चिन्तामण इच्छामन सिद्धिविनायक गणपति देव
  • भगवा ध्वज प्राचीन भारत,शाश्वत सनातन हिन्दू संस्कृति एवं धर्म का प्रतीक है
  • भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा की ऊपरी पट्टी में केसरिया रंग है जो देश की शक्ति और साहस को दर्शाता है, बीच की पट्टी का श्वेत धर्म चक्र के साथ शांति और सत्य का प्रतीक है, निचली हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता को दर्शाती है, सफ़ेद पट्टी पर बने चक्र को धर्म चक्र कहते हैं, इस धर्म चक्र को विधि का चक्र कहते हैं जो तृतीय शताब्दी ईसा पूर्व मौर्य सम्राट अशोक द्वारा बनाए गए सारनाथ मंदिर से लिया गया है, इस चक्र को प्रदर्शित करने का आशय यह है कि जीवन गति‍शील है और रुकने का अर्थ मृत्यु है
  • उज्जैन के महात्मय के अनुरूप हे ये नाम उज्जयिनी, अवन्तिका, प्रतिकल्पा, कनकश्रृंगा, कुशस्‍थली, पद्मावती, कुमुद्वती, अमरावती, विशाला, अम्बिका, हिरण्यवती, भोगवती, नवतेरी नगर, शिवपुरी
  • राष्ट्र संत स्वामी विवेकानंद की 152 वीं जयंती, भारत में उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है.
  • गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः, गुरूर साक्षात परम ब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नमः !!
  • जय माँ हो श्री हरसिद्धि देवी सदा प्रसन्न !!
  • चीन हे सर्वदा से भारत का सबसे बड़ा शत्रु
  • दुनिया के सबसे ऊंचे दुर्गम और निर्मम युद्धक्षेत्र सियाचिन पर भारतीय सेना की मोजुदगी कितनी जटिल और चुनोतिपूर्ण
  • सिंहस्थ महाकुंभ क्षिप्रा तट उज्जयिनी, अद्भुत अलौकिक आनंदौल्लास पूर्ण अकल्पनीय अवर्णननीय महापर्व महोत्सव
  • स्तूता मया वरदा वेद माता प्रचोदयंताम् पावमानी द्विजानाम् आयुः प्राणं प्रजाम् पशुं कीर्तिम् द्रविणं ब्रह्मवर्चसं मह्यम् द्वत्वा वृजत् ब्रह्मलोकं
  • ॐ नमः शिवाय्
  • “बसुधैव कुटुम्बकम” के स्वरुप संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का भ्रमण , मानव अधिकार , निशस्त्रीकरण और सतत धारणीय विकास आदि पर अंतराष्ट्रीय संगोष्ठी , दृश्य श्रव्य प्रदर्श के अवलोकन श्रवण सम्मिलन का अवसर मिला
  • 11 सितंबर 2001 हमले का अमेरिकीयो ने दिया दृढ़ संकल्प इच्छाशक्ति और अदम्य शौर्य से आतंकियो को कड़ा ज़बाब
  • हिंदी 100 करोड़ से अधिक लोगो द्वारा समझी बोली पढ़ी लिखी जाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी भाषा

RSS जागृयाम : मंथन

  • Jagrayam Foundation जागृयाम फाउंडेशन
    Jagrayam Foundation व्यं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहितः jagrayam.org Legal Awareness & Aid Think tank for developing legal awareness studies, Legislative Research & Campaigns in various fields of Civic affairs, Human rights, Democratic reforms, Protection for Cultural Heritage, Climate change, Work for Sustainable Environment, Forest conservation, etc.
  • जागृयाम फाउंडेशन
    1 जागृयाम फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य पूरा विश्व एक परिवार , वसुधैव कुटुंबकम् है। सभी मनुष्यों के लिए जीवन आनन्दमय हो । 2. सभी लोगों के भीतर दिव्यता, शांति और सदभाव के लिए जागरूकता उत्पन्न कर स्वर्ग के अवतरण की स्थिति प्राप्त करना। 3. आध्यात्मिक शुद्धता और सामाजिक मानसिक चेतना के लिए जागरूकता पैदा करना। […]
  • क्षिप्रा से चंबल से यमुना से गंगा से हिन्द महा सागर नदी जल सिस्टम
    क्षिप्रा से चंबल से यमुना से गंगा से हिन्द महा सागर नदी जल सिस्टम 1. क्षिप्रा (शिप्रा) नदी ⬇ 2. चंबल नदी में मिलती है (मध्य प्रदेश, मंदसौर क्षेत्र के पास भानपुरा तहसील के गाँव धनोदा गुराडिया के निकट ) ⬇ 3. चंबल नदी आगे चलकर यमुना में मिलती है (पचनदा, इटावा – UP) ⬇ […]
  • देश बना गणतंत्र , सर्वोच्च बन लागू हुआ भारत का संविधान
    देश बना गणतंत्र , सर्वोच्च बन लागू हुआ भारत का संविधान , क्यो है भारत का संविधान सर्वोच्च क्योंकि उससे जुड़ी है हर देश वासी की आत्मा और उसका प्रतिबद्ध संकल्प । संविधान सभा में देश के सभी भागो क्षेत्रों वर्गों के अप्रतिम योग्यता धारक विद्वान मनीषी समाजसुधारक विधिवेत्ता शिक्षक राष्ट्र भक्त सम्मिलित थे । […]
  • वसन्त पञ्चमी : ज्ञान कला प्रेम व तप का त्योहार
    वसन्त पञ्चमी : वसंत ऋतु (माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी ) को मनाए जाने वाला पर्व उत्सव है बसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दू त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती, प्रेम के देवता कामदेव और विष्णु की पूजा की जाती है। यह पूजा विशेष रूप से भारत, बांग्लादेश, नेपाल , थाईलैंड […]
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    व्यं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहितः के धर्मसंकल्प को लेकर, संविधान के उद्देश्य, मूल अधिकार और नागरिक कर्तव्यों के प्रति सतत जागरूक करने हेतु हिन्दकुश मीडिया समूह के प्रमुख प्रकाशन पाक्षिक समाचार पत्रिका जागृयाम (पा.स.58634/90 ) 36 वर्षों से तथा डिजिटल ऑनलाइन लाइव न्यूज मैगज़ीन jagrayam.com वर्ष 2013 से अपने ध्येय वाक्य “जागृयाम” ! “शोषण के विरुद्ध […]
  • अयोध्या के श्रीराम मंदिर पर लहराया रामराज्य का भगवा धर्मध्वज
    अयोध्या में हुआ ध्वजारोहण कार्यक्रम सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि विश्व भर के हिंदुओं और सभी भारत वासी लोगों के लिए गर्व और उत्साह का बड़ा क्षण बन चुका है. राम मंदिर की चोटी पर फहरने वाला धर्म ध्वज पहली बार अपनी पूरी भव्यता के साथ सामने आया है और इसकी झलक ने माहौल को […]
  • आर्य समाज के संस्थापक राष्ट्र देश विश्व के अप्रतिम महान संत दार्शनिक विचारक सुधारक शिक्षक चिंतक ऋषि दयानंद सरस्वती जी की पुण्य तिथि पर शत शत नमन
    आर्य समाज के संस्थापक राष्ट्र देश विश्व के अप्रतिम महान संत दार्शनिक विचारक सुधारक शिक्षक चिंतक ऋषि दयानंद सरस्वती जी की पुण्य तिथि पर शत शत नमन, महर्षि दयानन्द सरस्वती (१८२४-१८८३) आधुनिक भारत के महानतम चिन्तको में प्रमुख थे उनके बचपन का नाम ‘मूलशंकर’ था। ‘वेदों की ओर लौटो’ यह उनका ही दिया हुआ प्रमुख […]
  • नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे , त्वया हिंदूभूमे सुखम वर्धितोहम
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के लिए संघ की प्रार्थना का नया संस्करण गाया है। यह प्रार्थना 27 सितंबर 2025 को नागपुर में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा जारी की गई थी। लिंक देखें ae5c0e77-0d73-4fd0-b2e8-c8c757297553 मूर्धन्य गायक शंकर महादेवन ने इसे लंदन स्थित रॉयल फ़िल्हार्मोनिक ऑर्केस्ट्रा […]
  • गांधी जयंती पर विशेष! ये विचार, सर्वसमाहित समावेशी सार्वभौमिक जो कि सनातन सिद्धांतों के प्रतिबिंब
    महात्मा गांधी भारत की स्वाधीनता स्वतंत्रता आंदोलन के शीर्ष नेतृत्व तथा प्रतीक थे जिसमें पूरा भारतवर्ष देश तथा समाज सम्मिलित थे वस्तुतः स्वाधीनता संग्राम १८५७ के पूर्व से चला आ रहा था जिसमे विभिन्न क्रांतिकारी , आजादी के दीवाने , विचारक लेखक उद्धेलक मनीषी , राष्ट्रप्रेम की भावना देशवासियों के मन में सतत स्थापित प्रेरित […]

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