हे इंद्र ! यदि तुम अपने मन को स्थिर कर लो तो अकेले ही अनेक से युद्ध करने में समर्थ हो जाओ ।
" तन्मेमनः शिवसंकल्पमस्तु " हम सबका मन सदैव शुभ विचारो और कल्याणकारी संकल्पों से युक्त हो
हे इंद्र ! यदि तुम अपने मन को स्थिर कर लो तो अकेले ही अनेक से युद्ध करने में समर्थ हो जाओ ।