उज्जयिनी अवंतिकापुरी तीर्थ सिंहस्थ महाकुम्भ 22अप्रैल से 21मई 2016 विक्रम संवत् 2073, में समुद्रमंथन से प्राप्त 14 रत्नों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार समुद्र मन्थन एक प्रसिद्ध हिन्दू पौराणिक कथा है। यह कथा भागवत पुराण, महाभारत तथा विष्णु पुराण में आती है। श्री शुकदेव जी बोले, “हे राजन्! राजा बलि के राज्य में दैत्य, असुर तथा दानव अति प्रबल हो उठे थे। उन्हें शुक्राचार्य की शक्ति प्राप्त थी। इसी बीच दुर्वासा ऋषि के शाप से देवराज इन्द्र शक्तिहीन हो गये थे। दैत्यराज बलि का राज्य तीनों लोकों पर था। इन्द्र सहित देवतागण उससे भयभीत रहते थे। इस स्थिति के….
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